सहारनपुर और बाराबंकी के बाद अब इटावा - सैयद बाबा मजार पर चला बुलडोजर, वक्फ बोर्ड खामोश?
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इटावा शहर के बिहड इलाके में जंगल में सैकड़ो साल पुरानी सैयद बाबा के मजार पर 23 सितंबर के रात के अंधेरे में बुलडोजर ने कहर बरपाया और सहारनपुर , रामसनेहीघाट बाराबंकी के तर्ज पर ईंट, मालवा और निशान को खत्म कर दिया गया।
गौरतलब है कि सैकड़ो साल पुरानी मजार फॉरेस्ट एक्ट 1980 के मुताबिक इलीगल एंक्रोचमेंट कैसे हो गया।
जबकि 15 सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश के मुताबिक वक्फ बाय यूजर या रजिस्टर्ड वक्फ पर केंद्र सरकार के हलफनामा के बाद किसी तरह की इलीगल कार्रवाई पर रोक है।
हिंदू संगठन के द्वारा जनवरी 2026 में मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत करके इलीगल इनकररोमेचट पर कार्रवाई की एप्लीकेशन दी गई थी।
जिला फॉरेस्ट ऑफिसर ने दस्तावेज के मुताबिक जमीन फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की मिल्कियत माना।
दिनांक 23 सितंबर 2026 के रात के अंधेरे में बुलडोज कर दिया गया और मिट्टी डाल कर पेड़ पौधे लगाकर नामों निसां मिटा दिया गया।
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